Relationships

मेरे पापा

आँखें दिखा कर पढ़ने बैठा दिया, ज़रा ग़लती हुई तो ज़ोर से डाँट दिया. माँ ने आकर चुपके से खाना खिलाया, तो सोचा पापा से छुप कर आई होंगी. फिर पता चला पापा ने ही भेजा था, मुझे मनाने के… Read More ›

एक विवाहित महिला अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए समान रूप से जिम्मेदार है

भारतीय समाज में, आदर्श यह माना जाता है कि बूढ़े माता-पिता की देखभाल के लिए पुरुष जिम्मेदार हैं। लेकिन जो बात हमें चकित करती है वह यह है कि बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी लिंग के आधार पर विभाजित होती है।… Read More ›

बचपन जैसा कुछ और है क्या?

भाई के पीछे साइकल पर बैठ कर, मैने तो सारी दुनिया घूम ली थी छोटी बहन को लालच देकर ढेरों काम भी करवा लिए. गर्मियाँ आई तो आम की लड़ाई, सर्दियों में खेले खेल, और फिर याद आई दादी की… Read More ›

कुछ लोग ऐसे भी

मतलब के रिश्ते, मतलब की यारी, मतलब का प्यार, मतलब का लगाव. मतलब से चलती है दुनिया ये सारी, नही समझ पाए तो कीमत चुकाओगे भारी. आज तुम अच्छे हो, सबसे हो बढ़िया, क्या फ़ायदा है उनका, जोड़ लो कड़ियाँ…. Read More ›

अब बड़ी हो गयी हूँ

अब बड़ी हो गयी हूँ, किसी की बीवी, किसी की माँ बन गयी हूँ. अब बड़ी हो गयी हूँ, अब अपनी ही ग़लती पर पापा से नाराज़ नही हो सकती, अब तो दूसरों की ग़लती पर भी, कभी कभी मैं… Read More ›

प्यार जताने की ज़िम्मेदारी केवल पति की ही क्यूँ

अक्सर जैसे जैसे शादी को कुछ साल बीतने लगते हैं, हम देखते हैं की हमें अपने साथी से कुछ शिकायतें होने लगती है: १. ये तो कभी ऑफीस से एक बार फोन भी नही करते २. आते ही फोन या… Read More ›

जीवनसाथी से लड़ना हमेशा नही होता है उतना बुरा

यह बात झूठ नही है, की कभी कभी जब कोई लड़ना ही छोड़ दे, इसका मतलब शायद उसने उम्मीद ही छोड़ दी. अक्सर ऐसा होता है, की हम किसी रिश्ते में तब तक, सामने वाले को समझाने की कोशिश करते… Read More ›