Mon. Dec 9th, 2019

Miss Zesty

A Digital Women's Magazine

वो हर लम्हा जहाँ तुम हो by Shweta Acharya Vyas

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लम्हों की बारात में से चुराए हैं

कुछ पल आज भी  मन के झरोखे में समाए हैं

कदम कदम तुम्हारा साथ

हर हाल में हाथों में मेरे तुम्हारा हाथ

जीने की नई ऊर्जा देता है हर दिन

बरसता प्यार तुम्हारा रिमझिम

कर  रही हूं साझा कुछ अनमोल मोती

पिरोए रहती चितमन जहां भी मैं होती

 

“नए घर में हर पल तुम्हारा साथ

रसोई में छुप छुप वो मदद

बड़ों की अवेहलना किये बिना मेरा बचाव

मायके की याद को अपने अंदाज में भुलाना

दरवाज़े के पीछे अचानक डराने वाला त्रास”

 

“पिछड़े सोच के बीच भी मेरे सपनों को पंख लगाना

मैं जो हूँ उससे मुझे मिलवाना

“मैं हूँ ना” शाहरुख की स्टाइल में कह,पल भर में हंसाना

“ऐसा मत कहो” कह हाथ गले में डालना

पड़ोस की आंटी के तानों से बचाना

और रात रात भर मेरी फालतू बातों को बड़े ध्यान से सुनना(जताना)😉

समय के अभाव में भी छोटे छोटे लम्हे चुराना

और तुम्हारे कंधे पर मेरी नींद का चुटकी में आ जाना”

 

“नौ महीने का वो यादगार सफर

तुम्हारा पहरा था जैसे हर पहर

लाख थका होने पर भी मुस्कुरा मेरी देखभाल करना

वो फ़ोन वो मैसेज बच्चों पर हर शाम हर सहर”

 

“आज भी मेरे कहने से पहले समझते तुम मेरी हर बात

“आज धीरे बोल रही हो? क्या हुआ? “बोलते ही पकड़ लेते मेरी करामात

मन पढ़ लेते हो मेरा चुटकियों में

दोस्त मिला मुझे जीवनसाथी के रूप में”

 

“बस कह नहीं पाती तुम्हें मेरे जीवन में तुम्हारा मोल

लिखे हैं कुछ शब्द, यही मेरे ताशे मेरे ढोल

बने रहना मेरे हमसफर ऐसे ही मेरी परछाई

सारी की सारी मेरी दुनिया,बस तेरी बाहों में है समायी।।”

 

उन सब पति के नाम जो चाहे लेखनियों में इतने नहीं पाए जाते,बलिदान की गिनती में पीछे रह जाते हैं….लेकिन ये भी सौ टका सत्य है कि उनका होना हमारे जीवन में नमक के जैसा है, उनकी अनुपस्थिति जीवन को बेस्वाद बनाती है ।

और उनका होना हर याद में मिठास छोड़ जाता है।

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