Sat. Feb 22nd, 2020

Miss Zesty

A Digital Women's Magazine

तन्हाइयां अच्छी लगती है मुझे – श्वेता व्यास 

1 min read

Photo by Ekrulila on Pexels.com

तन्हाइयां अच्छी लगती है मुझे.. सच!
कितना सुकून होता है इनमे
रेगिस्तान में जैसे गुलमोहर उग आए
तपती ज़मीन पर बारिश की बूंद गिर जाए
अश्कों से भरी आंखे हो और होंठ मुस्कुरा जाए
उदास दिल में कोई ठिठोली कर जाए

तन्हाइयां अच्छी लगती है मुझे..सच!
कैसा लगता है आंसू मन का बोझ हल्का कर दे
दूर तलक नीला आसमां गुफ़्तगू मेरी खुद में समेट ले
वो कानों से गुजरती मद्धम मद्धम हवा
सब कुछ भूल , नई राह का इशारा कर दे
तन्हाइयां अच्छी लगती है मुझे..सच!
मेरी कमियों को मैं और समझ पाती हूँ
हर उस खुद से तन्हा मुलाकात में कुछ नया सीख जाती हूँ
खुद को जवाब देने और समझाने का मज़ा ही कुछ और है
बुरा नहीं है ये, तल्ख़ उन सब रिश्तों में इसे सबसे मीठा पाती हूँ।।

श्वेता व्यास

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Copyright © All rights reserved. Newsphere by AF themes.