प्यार जताने की ज़िम्मेदारी केवल पति की ही क्यूँ

अक्सर जैसे जैसे शादी को कुछ साल बीतने लगते हैं, हम देखते हैं की हमें अपने साथी से कुछ शिकायतें होने लगती है:


१. ये तो कभी ऑफीस से एक बार फोन भी नही करते
२. आते ही फोन या लॅपटॉप पर लग जाते हैं
३. आई लोवे यू बोले ही पता नही कितना टाइम हो गया
४. ये कभी कोई गिफ्ट या सर्प्राइज़ ही नही देते, बस बोल देते है जो चाहिए ले लो
५. कभी प्यार ही नही जताते , की आकर थोड़ी देर मेरे पास बैठ जायें या कुछ बातें कर लें

ऐसी शिकायतें होना लाज़मी है, पर साथ ही ये भी ज़रूरी है की हम ये समझें की अगर एक जन ऐसा नही कर पा रहा है तो हम क्यूँ ईगो में बंधें रहें ? ऐसी बहुत सारी चीज़ें हैं जो हम गृहस्त जीवन में और खुशी बढ़ाने के लिए कर सकते हैं:


१. एक दूसरे को छोटे छोटे मेस्सगेदेना नाम भूलें. उनके टिफिन में एक् छोटे से काग़ज़ पर कुछ प्यार भरा लिख दें. ज़रूर ही उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी. अगर आते ही लॅपटॉप पर बैठ जातें है तो एक स्टिक नोट पर कुछ ख़ास लिख कर उसी पर लगा दो.


२. उन्हे घर से बिना गले लगे, और आई लोवे यू बोले बिना ना जाने दें. अगर अकेले रहते हैं तो बहुत आसान है, अगर बड़ा परिवार है तो भी एक पल ऐसे ज़रूर ढूँढे जिसमें आप उन्हे जाने से पहले गले लगायें.


३. क्यू उनके फोन का इंतज़ार करें, खुद ही फोन करें. दिन में एक बार बस दो मिनिट के लिए ही सही, उन्हे फोन करके बस हाल छल्ल ले लें, आई लोवे यू बोल दें. ध्यान रखें की कॉल बहुत लंभी ना हो. बस कुछ पल ही बात करें.


४. कभी कभी उनके लिए भी सजें सवरें: इसमे कुछ नही बिगड़ जाता. कभी अचानक, उनके लिए, उनकी पसंद की साड़ी या ड्रेस पहनें, थोड़ा तैयार हो जायें, देखते ही उनका मन खुश हो जाएगा. हमेशा ध्यान रखें, जहाँ प्यार है, वहाँ ईगो नही आनी चाहिए. कुछ फराक नही पड़ता अगर कभी आप अपने पति के लिए सजें, ये उन्हे एहसास दिलाएगा की आप के लिए उनकी मुस्कान कितने मायने रखती है

५. शिकायत नही बात करें: अब दो लोग अगर एक घर में, एक साथ हैं तो जाहिर है की शिकायतें होंगी ही. पर कोशिश करें हर बात को करने के सही समय को पहचानने की. देखें की कहीं ऐसा तो नही है की आप दोनो की बातचीत सिर्फ़ शिकायतों तक ही सिमट कर रह गयी है. अगर ऐसा महसूस हो तो कोशिश करें की कुछ चीज़ों को, जिन्हे इग्नोर किया जेया सकता है, उन्हें इग्नोर करदें या, प्यार से हाल निकालें.


६. उनकी तारीफ करें: झूठी चापलूसी नही, सच्ची तारीफ. उन्हे एहसास दिलायें की आप उनके काम की, उनके व्यक्तितव की सराहना करती हैं. उन्हे स्वाभाव या उनके हुनर की तारीफ करें. या कभी बोल दें, ‘तुम एक अच्छे इंसान हो, मुझे तुम पर गर्व है.’

पति पत्नी दोनो ही एक दूसरे से प्यार करते है, और दोनो की ही ज़िम्मदारी होती है की दोनो में से कोई भी नज़रअंदाज़ महसूस ना करे.

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