वो इतनी तैयार कैसे? एक नयी तरह का जजमेंट ये भी

हम अक्सर ऐसे आर्टिकल्स पढ़ते हैं जिसमें इस बात पर ज़ोर दिया जाता है की एक माँ को जज ना किया जाए. घर हमेशा सज़ा सँवरा नही रह सकता, बच्चे हमेशा सलीके में नही हो सकते, बच्चे होने के बाद ज़रूरी नही की हर औरत करियर और घर […]

कुछ लोग ऐसे भी

मतलब के रिश्ते, मतलब की यारी, मतलब का प्यार, मतलब का लगाव. मतलब से चलती है दुनिया ये सारी, नही समझ पाए तो कीमत चुकाओगे भारी. आज तुम अच्छे हो, सबसे हो बढ़िया, क्या फ़ायदा है उनका, जोड़ लो कड़ियाँ. हाँ में हाँ मिलाते जाओ, सब बात पर […]

अब बड़ी हो गयी हूँ

अब बड़ी हो गयी हूँ, किसी की बीवी, किसी की माँ बन गयी हूँ. अब बड़ी हो गयी हूँ, अब अपनी ही ग़लती पर पापा से नाराज़ नही हो सकती, अब तो दूसरों की ग़लती पर भी, कभी कभी मैं ही झुक जाती हूँ. अब बड़ी हो गयी […]

प्यार जताने की ज़िम्मेदारी केवल पति की ही क्यूँ

अक्सर जैसे जैसे शादी को कुछ साल बीतने लगते हैं, हम देखते हैं की हमें अपने साथी से कुछ शिकायतें होने लगती है: १. ये तो कभी ऑफीस से एक बार फोन भी नही करते २. आते ही फोन या लॅपटॉप पर लग जाते हैं ३. आई लोवे […]

जीवनसाथी से लड़ना हमेशा नही होता है उतना बुरा

यह बात झूठ नही है, की कभी कभी जब कोई लड़ना ही छोड़ दे, इसका मतलब शायद उसने उम्मीद ही छोड़ दी. अक्सर ऐसा होता है, की हम किसी रिश्ते में तब तक, सामने वाले को समझाने की कोशिश करते है, या तब तक ही कोई शिकायत करते […]

सलाह के नाम पर कितना आंकोगे एक माँ को

कुछ दिन पहले एक अजीब सा वाकिया हुआ. एक माँ ने फ़ेसबुक पर एक ग्रूप पर ग़लती से यह पूछ लिया की मेरा ढाई साल का बेटा स्कूल का होमवर्क नही करता मैं क्या करूँ? बात इतनी सी थी के वो ये लिखना भूल गयी की जब उसने […]

मेरी छोटी सी सहेली, मेरी बेटी

नन्ही सी गुड़िया मेरे घर आई थी, कच्ची उंगलियाँ, रूई सा स्पर्श, हल्की इतनी जैसे कोमल कोई फूल, बचा बचा कर पकड़ती थी, के कहीं हो जाए ना भूल, दूध पिलाती, तो सीने से चिपकी रहती, ना जाने कब दूध पीते पीते सो जाती. आँख खुलती तो मंध […]